एक समय था, जब मधुर बाजार गाँव और शहर के किनारे स्थित था। यह जगह सिर्फ एक हाट नहीं था, बल्कि हमारे बचपन के दिनों की एक अनमोल याद है। वो अक्सर हम सब एक साथ वहाँ जाते थे – फिर त्योहार हो या बस घूमने का मौका हो। बाजार की रंगत, हँसी और गंध आज भी मेरे दिमाग में ताज़ा है। वह सब मिलकर एक विशेष अनुभव बनात